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स्वामी प्रसाद मौर्य का सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों के प्रति निष्ठा और कृतज्ञता का भाव…

Posted on मई 27, 2026मई 27, 2026
  • डॉ. राजबहादुर मौर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, बुंदेलखंड कॉलेज, झाँसी (उत्तर- प्रदेश) भारत । email : drrajbahadurmourya @ gmail. Com, website : themahamaya.com

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने इटली के कवि रेनन को उद्धृत करते हुए लिखा है कि “अतीत का समान गौरव, वर्तमान में समान आकांक्षा, साथ-साथ मिलकर किए गए महान कार्य, वैसे ही कार्यों को पुनः करने की इच्छा- यह सभी किसी व्यक्ति को राष्ट्र- भाव से प्रेरित करने वाली अनिवार्य स्थितियां हैं । हम जितने अधिक कष्ट सहन कर त्याग करते हैं, उसी अनुपात में उनके प्रति हमारी आसक्ति बढ़ती है । हम जो मकान बनाते हैं और जिसे हमें अपने वंशधरों को सौंपना है उससे हम प्यार करते हैं ।” स्पार्टन श्लोक है, “हम वही हैं जो आप थे, हम वही बनेंगे जो आप थे ।” यही सरल शब्दों में हर देश का राष्ट्रगान है । अपने महापुरुषों के प्रति निष्ठा और कृतज्ञता व्यक्त करने का यही मूल उद्देश्य और वैचारिक आधार है । सोचना हमारा जैविक स्वभाव है । लेकिन जैसा हम सोचते हैं उस पर हमारे सामाजिक परिवेश और स्वभाव का प्रभाव होता है ।

अपने जीवन के प्रारंभिक दौर से लेकर आज तक, उत्तर – प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान में अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री स्वामी प्रसाद मौर्य का विजन और मिशन देश और दुनिया के उन तमाम महापुरुषों के प्रति निष्ठा और कृतज्ञता का रहा है जिन्होंने आजीवन अपने आप को समाज की बेहतरी के लिए समर्पित कर दिया । वह हमेशा कहते हैं कि “हमारे पुरखों ने देश और दुनिया को ज्ञान, शांति और प्रगति का रास्ता दिखाया है और हमें भी उस मार्ग पर चलकर अपने आप खपा देना चाहिए ।” “भगवान् तथागत बुद्ध ने अपने जीवन के 40 साल, सम्राट अशोक ने अपने जीवन के 45 साल और बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवन के 36 साल मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया । इसलिए मानवता से प्रेरित इन संदेशों को आमजन तक पहुँचाने की अब हमारी बारी है ।” कोई हैरानी की बात नहीं, कोई अतिशयोक्ति नहीं बल्कि सच्चाई यही है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी अपने जीवन के 40 वर्ष इस मानवतावादी विचारधारा को आम लोगों तक पहुँचाने में खपा दिया । चाहे वह सामाजिक जीवन में रहे हों, चाहे वह विधायक रहे हों, चाहे वह कैबिनेट मंत्री रहे हों और चाहे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहे हों, लेकिन कभी भी महापुरुषों के नाम और काम को आगे बढ़ाने में उनके अंदर किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट या उदासीनता नहीं रही । स्वामी प्रसाद मौर्य का प्रेरक और भावपूर्ण कथन है कि, “करुणा, मैत्री और बंधुत्व से प्रेरित ज्ञान का सौन्दर्य अनन्त है और यह कभी फीका नहीं पड़ता है ।” वह कहते हैं, “ईश्वर और मानवता को सभी की फ़िक्र करनी चाहिए, केवल विशेष लोगों या विशेष सम्प्रदाय की नहीं । अंतिम विजय सिर्फ़ सत्य की होती है ।” वह सवाल करते हैं कि तथाकथित मुख्यधारा के विद्वानों ने इन मानवतावादी संतों और गुरुओं के बारे में जानने की ख़ास कोशिश क्यों नहीं की ? वह जानबूझकर कर अनजान बने रहे या अज्ञानवश… इस पर मतभेद हो सकते हैं पर उनकी संवादहीनता एक बहुत बड़ा सत्य है । वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को उद्धृत करते हुए कहते हैं, “योग्यता में अंतर मनुष्य को मनुष्य से अलग नहीं करता बल्कि योग्यता सिखाती है कि सब मनुष्य समान हैं । जनहित सदैव निजी हितों से ऊपर होता है और यदि नहीं होता तो होना चाहिए ।” वस्तुतः यही महापुरुषों का चिरंतन और शाश्वत संदेश है । स्वामी प्रसाद मौर्य इसी पथ के पथिक हैं और उनकी दृष्टि कभी भी इस विजन से ओझल नहीं हुई । अपने इस दायित्व को निभाने के लिए वह समाज के आम से लेकर खास लोगों तक निरंतर पहुँचने की कोशिश करते हैं तथा सोशल मीडिया के ज़रिये लोगों से अपने आप को जोड़ते हैं । सोशल साइट्स पर लिखे गए उनके संदेश और विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी इस बात की तस्दीक करती है ।

दिनांक 3 जनवरी, 2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि, “क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा व सम्मान के लिए जीवन भर कार्य किया । कुरीतियों को ध्वस्त कर महिलाओं के सम्मान की जो परिभाषा उन्होंने रची है वह सदैव समाज को प्रेरित करती रहेगी । शिक्षा की ज्योति जलाने वाली, प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी को कोटिशः नमन ।” दिनांक 8 जनवरी, 2026 को उन्होंने सभी को पंचशील बौद्ध धम्म दिवस की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ दीं। दिनांक 09-01-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने महामना ज्योतिबा फुले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली देश की प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फ़ातिमा शेख की जयन्ती पर उन्हें शत-शत नमन् किया और उन्हें “ज्ञान ज्योति” कहकर सम्बोधित किया । दिनांक 20-01-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य जनपद सोनभद्र में महाकारुणिक बुद्ध विहार, पंचशील नगर, बहुआरा में आयोजित बुद्ध महोत्सव समारोह में सम्मिलित हुए और अपना उद्बोधन दिया । दिनांक 28-01-2026 को जनपद प्रयागराज के ग्राम ऊँचेडीह गये तो सबसे पहले वहाँ पर स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तत्पश्चात आगे के कार्यक्रम में शामिल हुए । दिनांक 01-02-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने जनपद लखीमपुर खीरी में आयोजित संत शिरोमणि रविदास जयंती समारोह में शिरकत किया और बतौर मुख्य अतिथि समारोह को सम्बोधित किया । इससे पूर्व आज सुबह ही अपने एक्स हैंडल पर लिखकर उन्होंने संत शिरोमणि रविदास जी महाराज को शत-शत नमन् किया । उन्होंने लिखा “संत शिरोमणि गुरु रविदास जयन्ती पर उनके समता, मानवता और सामाजिक न्याय के महान विचारों को शत- शत नमन् ।” दिनांक 02-02-2026 को जगदेव बाबू की जयन्ती पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “पिछड़े, शोषित, वंचित वर्गों एवं ग़रीबों के हक की लड़ाई लड़ने वाले, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन के नायक, बिहार लेनिन, अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की जयंती पर कोटि- कोटि नमन् ।”

दिनांक: 07-02-2026 को ललई सिंह यादव को उनके परिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “उत्तर भारत के पेरियार, अंधविश्वास व पाखंड पर कठोर प्रहार कर दलित- पिछड़े वर्गों में वैज्ञानिक चेतना जागृत करने वाले एवं इनके हक- अधिकार दिलाने के लिए सदैव संघर्षरत रहे, सच्ची रामायण के लेखक, ललई सिंह यादव जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि- कोटि नमन् ।” चूँकि आज ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनसाथी माता रमाबाई जी की जयंती थी इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य ने उन्हें भी कोटि- कोटि नमन् किया तथा उन्हें त्याग, समर्पण एवं संघर्ष की प्रतिमूर्ति बताया । दिनांक: 17-02-2026 को उन्होंने बिहार की राजनीति के पुरोधा रहे कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि- कोटि नमन करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “ग़रीबों व वंचितों की सशक्त आवाज़, सामाजिक समरसता के प्रतीक एवं कुशल राजनीतिज्ञ, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत रत्न, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन ।” दिनांक : 23-02-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने संत गाडगे जयन्ती पर उन्हें याद किया और लिखा “भारत में स्वच्छता अभियान के जनक व देश के दलित- शोषित समाज के प्रेरणा स्रोत, मानवता के महान उपासक व राष्ट्र संत, गाडगे जी महाराज की जयंती पर कोटिशः नमन ।” दिनांक : 04-03-2026 को जनपद प्रयागराज के बुद्ध नगर, हटवारा, मझिगवां कोरांव में आयोजित विश्व विजेता सम्राट अशोक महान की जयंती समारोह में श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सम्बोधित किया । दिनांक : 10-03-2026 को पुनः उन्होंने सावित्री बाई फुले जी को उनके परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की । दिनांक : 15-03-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब को उनके जन्मदिवस पर याद किया और अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन के महानायक एवं बामसेफ, डी.एस.-4 तथा बीएसपी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर कांशीराम साहब जी के जन्मदिन 15 मार्च के अवसर पर कोटिशः नमन्- जय भीम करते हुए समस्त देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ ।” इसी तिथि में उन्होंने जनपद रायबरेली के क़स्बा जगतपुर में आयोजित मान्यवर कांशीराम जयन्ती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किया तथा कार्यक्रम को सम्बोधित किया । आज ही जनपद रायबरेली में ही चरुहार जियायक, दीनशाह गौरा में आयोजित महानायक मान्यवर कांशीराम जी के जन्मदिवस पर महामाया एजुकेशन ट्रस्ट के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए । मान्यवर कांशीराम साहब को याद करते हुए पिछले वर्ष आज ही के दिन स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि, “मान्यवर कांशीराम साहब ने इस देश में सामाजिक परिवर्तन आंदोलन के प्रणेता ज्योतिबा फूले, सावित्रीबाई फूले, फ़ातिमा शेख, छत्रपति शाहू जी महाराज, भारतीय संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर व पेरियार रामास्वामी नायकर, नारायणा गुरु, संत गाडगे व देश में जन्में सन्तों, गुरुओं यथा संत कबीर, गुरु रविदास व गुरु नानक के विचारों को घर- घर और जन- जन तक पहुँचाकर देश की सोई हुई क़ौमों को जगाकर सम्मान और स्वाभिमान का जीवन जीने व सत्ता शासन में हिस्सेदारी दिलाकर हुक्मरान बनाने की जो भूख पैदा की इसके लिए बहुजन समाज साहब का सदैव आभारी रहेगा । मान्यवर कांशीराम जी के प्रयास से ही जाति- पाति, छुआ- छूत, ऊँच- नीच की भावना निष्प्रभावी हुई है । समाज में भाईचारा भी पैदा हुआ है । समता मूलक समाज भी बनता दिखाई पड़ा, बहुजन समाज को हुक्मरान बनने का अवसर भी मिला ।” आगे उन्होंने लिखा, “आज ज्योतिबा फूले, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर कांशीराम जी तो हमारे बीच में नहीं हैं किन्तु उनके विचार आज भी हमारे साथ हैं । मैं डॉ. अम्बेडकर, कांशीराम व फूले तो नहीं बन सकता, किन्तु उनके विचारों को घर- घर, जन- जन तक पहुँचाने का संवाहक (डाकिया) बनने की कोशिश ज़रूर कर सकता हूँ ।” महामहिम राष्ट्रपति भारत श्रीमती द्रोपदी मुरमू जी एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से अनुरोध है कि सामाजिक परिवर्तन हेतु किये गए योगदान को ध्यान में रखते हुए मान्यवर कांशीराम साहब को भारत रत्न के सम्मान से सम्मानित करने की कृपा करें ।” दिनांक: 25-03-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य गुजरात प्रांत के जनपद सूरत शहर में आयोजित सम्राट अशोक जयन्ती समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ से हवाई मार्ग से चलकर सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अहमदाबाद पहुँचे और वहाँ से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करके वहाँ पहुँचे । यहाँ सूरत शहर के मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज के द्वारा विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें स्वामी प्रसाद मौर्य ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया और अपना बहुत ही प्रभावशाली उद्बोधन दिया ।

दिनांक : 26-03-2026 को अशोकाष्टमी के अवसर पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “अखंड भारत के निर्माता, सम्राट अशोक महान जी की जयंती पर शत- शत नमन । अशोकाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ ।” इसी तिथि में उन्होंने जनपद बरेली में आयोजित सम्राट अशोक जन्मोत्सव समारोह में हिस्सा लिया और समारोह को सम्बोधित किया । इसके अगले ही दिन जनपद मैनपुरी के कुरावली क़स्बे में आयोजित सात दिवसीय विशाल बुद्ध कथा में स्वामी प्रसाद मौर्य पहुँचे और भगवान तथागत बुद्ध को नमन् किया । दिनांक : 29-03-2026 को पुनः सम्राट अशोक महान की जयंती कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य जनपद फिरोजाबाद पहुँचे और यहाँ पालीवाल हॉल में आयोजित चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान जन्मोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए । इस अवसर उन्होंने अपना प्रभावशाली वक्तव्य भी दिया । दिनांक : 08-04-2026 को जनपद हमीरपुर में आयोजित सम्राट अशोक जयंती समारोह में स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और समारोह को सम्बोधित किया । दिनांक : 09-04-2026 को जनपद रायबरेली के विकास खंड दीनशाह गौरा के कार्यालय परिसर में निर्मित चक्रवर्ती सम्राट अशोक द्वार का लोकार्पण किया तथा वहाँ पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित किया । दिनांक : 10-04-2026 को सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के जन्मदिवस के अवसर पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर समस्त देशवासियों के लिए संदेश लिखा “अखण्ड भारत के संस्थापक, विश्व विजेता सिकंदर महान के सेना प्रमुख सेल्यूकस सहित पूरी सेना को परास्त कर आत्मसमर्पण करवाने वाले, मौर्य साम्राज्य के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य जी के जन्म- जयन्ती के अवसर पर कोटि- कोटि नमन तथा देशवासियों को जन्मदिन की बहुत- बहुत बधाई व शुभकामनाएँ ।” दिनांक : 11-04-2026 को उन्होंने जनपद रायबरेली के ग्राम व पोस्ट सीवन, शिवगढ, महराजगंज क़स्बे में आयोजित सम्राट अशोक महान जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और समारोह को सम्बोधित किया । दिनांक : 11-04-2026 को महात्मा ज्योतिबा फूले जी की जयंती के अवसर पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने उन्हें नमन करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “महान समाज सुधारक, शिक्षा के अग्रदूत और शोषित- वंचित समाज की आवाज़ महात्मा ज्योतिबा फूले जी को उनकी जयंती पर कोटि- कोटि नमन ।” इसी तारीख़ को मध्यप्रदेश के जनपद टीकमगढ़ के जतारा क़स्बे में क्षेत्रीय कुशवाहा समाज जतारा द्वारा आयोजित चक्रवर्ती सम्राट अशोक जयंती समारोह में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और अपना ओजस्वी भाषण दिया । जतारा जाते समय उत्तर- प्रदेश के जनपद झाँसी के क़स्बा मऊरानी पुर से होकर वह गुज़रे और वहाँ पर स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया । दिनांक : 13-04-2026 को वह अपने पैतृक गाँव चकवड जनपद प्रतापगढ़ पहुँचे और यहाँ पर आयोजित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जयंती समारोह में हिस्सा लिया । बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर उनके आदर्श हैं । वह कभी भी अपनी बात को प्रारम्भ करने से पहले और समाप्त करते समय बाबा साहेब को याद करना नहीं भूलते । दिनांक : 14-04-2025 को उन्होंने बाबा साहेब के जन्मदिन के मौक़े पर अपने ट्विटर हैंडल पर एक लम्बी पोस्ट लिखी, “विश्व के महानतम विद्वान, संविधान निर्माता, भारत रत्न, बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर उन्हें कोटि- कोटि नमन करता हूँ । बाबा साहेब जीवन पर्यन्त दलित, शोषित, पीड़ित वर्गों के सम्मान, स्वाभिमान व शासन सत्ता में हिस्सेदारी सुनिश्चित कराने हेतु संघर्ष करते रहे और संविधान निर्माता के रूप में उन्हें संवैधानिक अधिकार भी दिलाया । जिसके फलस्वरूप आज लोगों को सम्मान- स्वाभिमान के साथ जीने का अवसर मिल रहा है । ऐसे महान नेता, चिंतक, विचारक, अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता, संविधान निर्माता एवं देश के प्रथम क़ानून मंत्री तथा करोड़ों शोषित- पीड़ित- वंचित व उपेक्षितों के मसीहा एवं सामाजिक परिवर्तन के महानायक, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर कोटिशः नमन । जय भीम । नमो बुद्धाय ।”

दिनांक : 25-12-2025 को अपने ट्विटर हैंडल पर महाराजा बिजली पासी की जयंती पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा “पराक्रमी योद्धा महाराजा बिजली पासी जी की जयंती पर उन्हें कोटि- कोटि नमन ।” दिनांक : 24-12-2025 को उन्होंने पेरियार ई. वी. रामास्वामी नायकर की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया और लिखा “द्रविड़ संस्कृति के महानायक एवं जीवन भर जातिवाद व पाखंडवाद के विरोधी रहे पेरियार ई. वी. रामास्वामी नायकर की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि- कोटि नमन ।” दिनांक : 20-12-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने संत गाडगे महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें “महान् समाज सुधारक एवं स्वच्छता अभियान के जनक” बताया । दिनांक : 06-12-2025 को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की परिनिर्वाण दिवस पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा “वंचितों, उपेक्षितों व ग़रीबों के मसीहा, भारतीय संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उन्हें कोटि- कोटि नमन ।” दिनांक : 28-11-2025 को महात्मा ज्योतिबा फूले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “समाज सुधारक, विचारक महात्मा ज्योतिबा फूले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत- शत नमन ।” दिनांक : 16-11-2025 को वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने लिखा “शौर्य, साहस एवं नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति, स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना ऊदा देवी पासी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि ।” दिनांक : 15-11-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें याद किया और अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “महान् आदिवासी योद्धा, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक धरती आबा बिरसा मुंडा जी की जयंती पर उन्हें कोटि- कोटि नमन ।” दिनांक : 05-11-2025 को उन्होंने सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी को उनके जन्मदिन पर याद किया और अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “विश्व को शांति, सद्भावना, कर्म प्रधानता व त्याग का मार्ग दिखाने वाले सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन ।” दिनांक : 31-10-2025 को देश के प्रसिद्ध बौद्ध गुरु “भदंत ज्ञानेश्वर महाथेरो” जी का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में परिनिर्वाण हुआ । यह बात जैसे ही स्वामी प्रसाद मौर्य को पता चली वैसे ही वह तुरंत अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर उनके अंतिम दर्शन हेतु अस्पताल पहुँचे तथा उन्हें नमन् और वंदन किया । अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने बड़े गुरु जी को “करुणा, मैत्री और बंधुत्व का संदेश देने वाले महान बौद्ध विद्वान” के रूप में याद किया । दिनांक : 20-10-2025 को दीपोत्सव के मौक़े पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने सर्वप्रथम “विश्व धम्म गुरु नायक… तथागत बुद्ध व राष्ट्रीय प्रतीक सम्राट अशोक की लॉट को नमन वंदन किया तत्पश्चात अपनी पत्नी व गृह लक्ष्मी “श्रीमती शिवा मौर्य” की पूजा अर्चना की । उनका यह संदेश पूरे देश में चर्चा का विषय रहा ।

दिनांक : 09-10-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “वंचितों, उपेक्षितों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के मसीहा एवं सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन के महानायक मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर श्रद्धा सुमन ।” दिनांक: 02-10-2025 को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर सभी देशवासियों को अशोक धम्म विजय दशमी की बधाई दिया । दिनांक : 18-09-2025 को सामाजिक न्याय के पुरोधा शिव दयाल सिंह चौरसिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत- शत नमन वंदन किया । दिनांक : 15-09-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारतीय संविधान सभा के सदस्य, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व सांसद पद्मश्री डॉ. रत्नाप्पा कुम्हार की जयंती पर उन्हें नमन किया । अपने ट्विटर हैंडल पर ही दिनांक : 05-09-2025 को जगदेव बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा “पिछड़ों, शोषितों, वंचितों की आवाज़, अर्जक संस्कृति और साहित्य के पैरोकार, बिहार लेनिन के नाम से विख्यात अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि- कोटि नमन ।” दिनांक : 22-08-2025 को महामना रामस्वरूप वर्मा की जयंती पर उन्हें कोटि- कोटि नमन एवं वंदन करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय का पुरोधा, महान क्रांतिकारी, समता एवं मानवतावादी विचारक बताया । दिनांक : 27-07-2025 को लखनऊ स्थित गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित बौद्ध विरासत महाबोधि महाविहार बचाओ सम्मेलन को सम्बोधित किया । दिनांक : 10-07-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने ट्विटर हैंडल पर सभी को गुरु पूर्णिमा एवं धम्म चक्क पबत्तन दिवस की बधाई दिया । दिनांक : 28-06-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य बिहार की राजधानी पटना पहुँचे और वहाँ विद्यापति मार्ग पर स्थित विद्यापति भवन में आयोजित “महाबोधि बौद्ध विरासत”(बोधगया बचाओ) सम्मेलन में आये हुए बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों, लेखकों, विचारकों एवं उपासक व उपासिकाओं के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए । दिनांक : 26-06-2025 को अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने कोल्हापुर के नरेश छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें नमन किया तथा उन्हें “आरक्षण के जनक, समाज सुधारक व वंचित वर्गों के सच्चे हितैषी” कहकर सम्बोधित किया । दिनांक : 08-06-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में “मौर्य उत्थान समिति” द्वारा आयोजित बुद्ध पूर्णिमा एवं वार्षिकोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किया तथा अपने विचार व्यक्त किये । दिनांक : 29-05-2025 ई. को स्वामी प्रसाद मौर्य ने बिहार की यात्रा किया तथा बोधगया स्थित महाबोधि मन्दिर में जाकर तथागत बुद्ध का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया । दिनांक : 25-05-2025 को वह पुनः अपने दौरे के क्रम में मुम्बई की कनेरी पहाड़ियों में स्थित गुफाओं को देखने पहुँचे । अपने ट्विटर हैंडल पर गुफाओं के बारे में उन्होंने लिखा “यहाँ पर कनिष्क कालीन बौद्ध संस्कृति, कला, दर्शन व विचार का विहंगम चित्रण किया गया है । विश्व बौद्ध धरोहर को संजोए हुए इन कनेरी की गुफाओं को आप भी देखें ।” दिनांक : 12-05-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने विगत वर्षों की भांति ही इस वर्ष भी बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं ।

स्वामी प्रसाद मौर्य अपने जीवन में कभी भी महापुरुषों से सम्बन्धित किसी भी पर्व को, स्मृति दिवस को बड़ी श्रद्धा और निष्ठा के साथ मनाते हैं, इस बात की तस्दीक ऊपर लिखे गए विवेचन से प्राप्त होती है । महापुरुषों के जन्म स्थानों, उनके परिनिर्वाण स्थलों पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा उनकी याद में दीप जलाना स्वामी प्रसाद मौर्य के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और आज भी है । यद्यपि उन्हें सामान्य तौर पर फ़िल्म देखने का न तो शौक रहा है और न ही उतना समय मिलता रहा है लेकिन यदि कोई फ़िल्म सामाजिक परिवर्तन के आन्दोलन से प्रेरित है अथवा महापुरुषों के विचारों और जीवन संघर्षों पर आधारित है तो स्वामी प्रसाद मौर्य समय निकालकर उसे स्वयं भी देखते हैं और दूसरों को भी देखने के लिए प्रेरित करते हैं । वर्ष 2025 में जब महामना ज्योतिबा फूले के जीवन संघर्षों पर आधारित फ़िल्म बनी तो दिनांक : 30-04-2025 ई. को उन्होंने स्वयं भी इसे देखा और फिर अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “आज ज्योतिबा फूले मूवी देखा जिसमें ज्योतिबा फूले व फ़ातिमा शेख के द्वारा देश की महिलाओं, दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों को धन, धरती, शिक्षा व सम्मान से जोड़कर सबको समान अवसर दिलाने हेतु किए गए संघर्षों व प्रयासों को दर्शाया गया है । लोगों को ढोंग, ढकोसले, आडंबर से दूर कर वैज्ञानिक सोच के साथ खड़ा करने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है । फ़िल्म का विरोध करने वालों से भी अनुरोध है कि वह भी मूवी अवश्य देखें ताकि उनके मन का भ्रम दूर हो जाए ।” दिनांक : 06-05-2025 को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर कोल्हापुर के नरेश और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत एवं महान समाज सुधारक छत्रपति शाहू जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । दिनांक : 18-05-2025 को जब वह संविधान सम्मान व जनहित हुंकार यात्रा लेकर जनपद अम्बेडकर नगर के रसूल पुर दिवरा पहुँचे तो वहाँ पर स्थापित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया । इसी प्रकार दिनांक : 20-05-2025 को गोण्डा जनपद में बँधवा चौराहे पर स्थित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर, दिनांक : 21-05-2025 को जनपद बलरामपुर में डॉ. अम्बेडकर बुद्ध विहार ओरीडीह में स्थापित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर, दिनांक : 23-05-2025 को जनपद बहराइच मुख्यालय पर स्थित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।

उपसंहार :

उपरोक्त विवेचन केवल वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के कुछ चुनिंदा और महत्वपूर्ण तिथियों, घटनाओं, कार्यक्रमों और आयोजनों पर आधारित है । स्वामी प्रसाद मौर्य का अब तक का लगभग 40 वर्षों का सामाजिक और राजनीतिक जीवन बहुजन समाज में जन्में सन्तों, गुरुओं और महापुरुषों के समतामूलक सिद्धांतों और विचारों पर आधारित रहा है । वह लोग जो ईमानदारी और निष्ठा के साथ समाज सेवा में लगे हुए हैं उन्हें स्वामी प्रसाद मौर्य का विजन और मिशन प्रेरित करता है । कहना न होगा कि आज उत्तर भारत में विशेष रूप से उत्तर- प्रदेश में बहुजन आन्दोलन का जो कारवाँ तेज़ी के साथ चल पड़ा है उसमें स्वामी प्रसाद मौर्य की सबसे अधिक सक्रियता और भूमिका है । पिछले दिनों एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि डॉ. साहब “आज बहुजन आन्दोलन में नवयुवकों की बढ़ती भागीदारी ने हमें बहुत आत्म संतुष्टि प्रदान की है और मुझे भरोसा है कि अब यह कारवाँ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा । इसे रोकना अब किसी के बस की बात नहीं है । हमें सत्ता मिले या न मिले लेकिन हमारा हर कदम सत्ता प्राप्ति हेतु अग्रसर है और हम पूरी ताक़त के साथ आगे बढ़ रहे हैं । हमें विश्वास है कि हम एक दिन ऐसे समतामूलक समाज का निर्माण कर सकेंगे जहाँ किसी भी व्यक्ति को जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र, भाषा, नस्ल, अमीरी और ग़रीबी के कारण अपमानित न होना पड़े । हमारी सोच है कि विकास के नाम पर विस्थापन और पलायन का दंश किसी को भी झेलना न पड़े । हमें अपने देश से बेपनाह मोहब्बत है लेकिन हम चाहते हैं कि हम अंधराष्ट्रप्रेमी होकर किसी को भी दर्द न दें । केवल सरकार से प्रश्न पूछने को ही देशद्रोह न कहें । किसी की आवाज़ को न सुनना उसे अलगाव वाद की तरफ़ धकेलना होता है । देश की सीमाओं के अंदर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भावनाओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखना ज़रूरी है । देश किसी एक का नहीं बल्कि सबकी साझी विरासत है । इसी सुदृढ़ और व्यापक सोच के साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना आकार लेती है ।” वस्तुतः भारत देश भाषा, धर्म, संस्कृति और जीवनशैली में विभिन्नता का देश है । इसमें उमड़ते रंग- बिरंगे जनसमूहों की संस्कृतियों के संयोग और फैलाव की प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरी हुई है । एक- दूसरे के प्रति आपसी आदर और सम्मान तथा ज्ञान की बदौलत राष्ट्रीय एकता को बल प्रदान किया जा सकता है ।

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