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जुर्म और अन्याय के खिलाफ, स्वामी प्रसाद मौर्य के बग़ावती तेवर…

Posted on जून 22, 2026जून 22, 2026
  • डॉ. राजबहादुर मौर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, बुंदेलखंड कॉलेज झाँसी (उत्तर- प्रदेश), email : drrajbahadurmourya @ gmail. Com, Website : themahamaya. Com

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने लिखा है कि “अन्याय और असमानता से युक्त वास्तविकता को आदर्श का रूप देना स्वार्थ सिद्धि के सिवाय अन्य कुछ नहीं है । जब किसी व्यक्ति को किसी बात में लाभ दिखाई देता है, वह उसे आदर्श का रूप देने की चेष्टा करता है । यह अपराध वृत्ति से कम नहीं है । इस प्रकार एक बार स्थापित की गयी असमानता स्थायी हो जाती है । यह धारणा नैतिकता के विरुध्द है ।” उन्होंने आगे कहा है कि “मैं अन्याय, अत्याचार, आडंबर तथा अनर्थ से घृणा करता हूँ और मेरी घृणा उन सब लोगों के प्रति है जो इन्हें अपनाते हैं । वे दोषी हैं । मैं अपने आलोचकों को यह बताना चाहता हूँ कि मैं अपने इन भावों को अपना वास्तविक बल और शक्ति मानता हूँ ।” बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को अपना आदर्श मानने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी निडर और बेबाक़ भाषा शैली के लिए जाने जाते हैं । सामाजिक जुर्म, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ वह हमेशा आवाज़ उठाते हैं । उन्होंने हमेशा न केवल धर्मांन्धता, कट्टरता और वर्ण- व्यवस्था से उपजी सामाजिक असमानता के खिलाफ बग़ावती तेवर अपनाया है बल्कि अन्याय और अत्याचार करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है । अपनी निडरता, निर्भीकता और स्पष्टतवादिता से उन्होंने कभी समझौता नहीं किया है । अपने भाषणों में स्वामी प्रसाद मौर्य गलत रूढ़ियों, पाखंडों तथा बेबुनियाद बातों व कपोल कल्पनाओं पर आधारित परम्पराओं की धज्जियाँ उड़ा देते हैं । उनका विजन और मिशन समाज में विघटन कारी शक्तियों से सीधे- सीधे टकराता है । जो चिंतन समाज के ताने- बाने को तोड़ने का प्रयास करता है, वह हमेशा उससे दो- दो हाथ करने को तैयार रहते हैं ।

वर्तमान केन्द्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में छात्रों के खिलाफ किए जाने वाले भेदभाव के निवारण के लिए एक यूजीसी विनियमन अधिनियम को पारित किया । इस क़ानून के खिलाफ देश का एक समुदाय खड़ा हो गया और इसका डटकर विरोध किया । स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस क़ानून को उचित मानते हुए इसके पक्ष में आवाज़ उठाई और दिनांक : 17-03-2026 को नई दिल्ली के जंतर- मंतर पर विशाल धरना- प्रदर्शन किया । उनकी एक अपील पर देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया और स्वामी प्रसाद मौर्य का समर्थन किया । इसके पहले स्वामी प्रसाद मौर्य की अपील पर अपनी जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के द्वारा दिनांक : 26-02-2026 को उत्तर- प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना- प्रदर्शन आयोजित किया गया । इसके पूर्व दिनांक : 13-02-2026 को अपनी जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर हज़ारों कार्यकर्ताओं के साथ महामहिम राष्ट्रपति भारत को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा । जिसमें अनुरोध किया गया कि यूजीसी क़ानून 2026 तत्काल प्रभावी ढंग से लागू करने की कृपा करें जिससे कि विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के छात्र एवं छात्राओं के साथ हो रहे भेदभाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सके । इसी क्रम में दिनांक : 07-02-2026 को विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्गों के छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव को रोकने हेतु यूजीसी क़ानून 2026 के समर्थन में परिवर्तन चौक लखनऊ में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीक़े से धरना दे रहे छात्रों पर लखनऊ पुलिस द्वारा मारपीट करने, जानवरों की तरह टाँग पकड़कर घसीटने, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली- गलौज करने, भेदभाव पूर्ण व अमानुषिक व्यवहार करने के विरोध में परिवर्तन चौक पर पहुंचकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने छात्रों को सम्बल प्रदान किया बल्कि पुलिसिया दमनात्मक कृत्य की निंदा भी किया । दिनांक : 31-01-2026 को यूजीसी समता क़ानून -2026 का विरोध करने वालों को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक पोस्ट लिखा, “जिनके बाप- दादा- पुरखों ने कभी शम्बूक का शिर काटा, एकलव्य का अँगूठा काटा, उनकी संतानें आज भी एससी, एसटी, ओबीसी समाज पर ज़ुल्म- ज़्यादती- अत्याचार करना, हत्या- बलात्कार का शिकार बनाना, शिक्षण संस्थाओं में भेदभाव करना व धन- धरती- शिक्षा- सम्मान से वंचित करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं । इसलिए तथाकथित कुछ ऐसी ही उच्च जातियाँ यूजीसी समिति समता क़ानून 2026 का विरोध कर रही हैं । यूजीसी का विरोध करने वाले चेहरों को जरा गौर से देखो, ये वही चेहरे हैं जिनके बाप दादा पुरखों को धर्म के नाम पर आप दान- दक्षिणा, चढ़ावा देते व माल- पुवा हलुआ खिलाते आए हैं । एससी, एसटी, ओबीसी भाइयों से अपील है कि ऐसी गंदी मानसिकता के लोगों को माल- पुवा और हलुआ खिलाना व दान- दक्षिणा देना बंद कर दो । इनकी हेकड़ी अपने- आप निकल जाएगी और यूजीसी का विरोध करना भी भूल जाएँगे ।” स्वामी प्रसाद मौर्य सरकारों की गलत नीतियों का भी डटकर विरोध करते हैं ।दिनांक : 07-03-2026 को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल और फ़ेसबुक पेज पर केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, “भारत को विश्व गुरु बनाने का लॉलीपॉप दिखाते- दिखाते पहले देश के सभी बंदरगाह, एयर इंडिया, एयरपोर्ट, अधिकांश रेलवे स्टेशन, कई दर्जन ट्रेनें एवं एलआईसी जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों व सम्पत्तियों को कुछ चहेते उद्योगपतियों के हाथ कौड़ियों के भाव बेच दिया । अब तो ऐसा लगता है कि देश को भी अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया गया है, अन्यथा भारत को रूस से तेल ख़रीदने की छूट देने का आदेश अमेरिका नहीं देता । आख़िर किस हैसियत से अमेरिका भारत को छूट दे रहा है ? केंद्र सरकार की चुप्पी की मैं आलोचना करता हूँ ।” दिनांक : 28-01-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के कुंभ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान किए जाने पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया “क्या शंकराचार्य का अपमान ही अपमान है ? औरों का अपमान “अपमान” नहीं है ?” अपने लम्बे ट्वीट में उन्होंने महामहिम द्रोपदी मुर्मू, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मंदिरों में जाने से रोकने का मुद्दा उठाया । इसके अलावा दिन- प्रतिदिन समाज में लोगों को विभिन्न प्रकार से अपमानित किए जाने का भी ज़िक्र किया ।

दिनांक : 19-01-2026 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने फ़ेसबुक पेज पर लिखा “जनपद एटा कोतवाली नगर स्थित प्रेमी नगला- शिकोहाबाद रोड, एटा में दिनदहाड़े डॉ. गंगा सिंह शाक्य और उनकी धर्मपत्नी, पुत्रवधू एवं पुत्री की सामूहिक हत्या कर, हत्यारों ने जो दु: साहस किया है वह हैवानियत की पराकाष्ठा है । घटना की मैं घोर निंदा करता हूँ और अपेक्षा करता हूँ कि स्थानीय पुलिस प्रशासन, प्रकरण को अति गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए हत्यारों की तत्काल गिरफ़्तारी सुनिश्चित कराएगी ।” दिनांक : 13-01-2026 को वह जनपद आगरा पहुँचे और वहाँ पर किशोर का बाग, पीड़ित नरेन्द्र कुमार कुशवाहा के परिजनों से मुलाक़ात कर आगरा पुलिस आयुक्त से वार्ता कर दोषी चौकी इंचार्ज जीवनमंडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करने की माँग की । दिनांक : 06-01-2026 को आगरा के छत्ता थाना के अन्तर्गत स्थित पुलिस चौकी इंचार्ज के द्वारा नाबालिग़ नरेन्द्र कुशवाहा की बर्बरता पूर्ण पिटाई व उसका नाख़ून उखाड़ लिया गया था जिसकी स्वामी प्रसाद मौर्य ने कड़ी निन्दा की थी और पुलिस आयुक्त आगरा से तत्काल कार्रवाई की माँग की थी । दिनांक : 03-01-2026 को जनपद प्रतापगढ़ में डॉ. शिवमूर्ति लाल पर हमला हुआ । स्वामी प्रसाद मौर्य ने तत्काल अपने ट्विटर हैंडल पर घटना की निंदा करते हुए लिखा “जनपद प्रतापगढ़ मुख्यालय के वरिष्ठतम रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शिवमूर्ति लाल मौर्य पर किए गए दिनदहाड़े जानलेवा कायराने हमले की घोर निंदा करता हूँ । अवगत हुआ हूँ कि हमलावरों के चेहरे घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट नज़र आ रहे हैं । अपेक्षा करता हूँ कि सीसीटीवी कैमरे की फ़ुटेज के आधार पर चिन्हित करते हुए, जिला पुलिस प्रशासन तत्काल प्रभावी क़ानूनी कार्रवाई करते हुए अपराधियों की गिरफ़्तारी शीघ्र सुनिश्चित कराएगी ।” दिनांक : 30-12-2025 को जनपद ग़ाज़ियाबाद की एक घटना पर संज्ञान लेते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल एवं फ़ेसबुक अकाउंट पर लिखा “29 दिसम्बर, 2025 को हिन्दू रक्षा दल के द्वारा स्टॉल लगाकर तलवार, फरसा, कुल्हाड़ी आदि धारदार हथियारों का बांटा जाना न केवल अराजकता का खुला नंगा नाच है बल्कि सरकार को चुनौती भी । हथियार बांटते वक़्त हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं द्वारा यह कहना कि सरकार तुम्हारी रक्षा, यदि नहीं कर पाती तो हम करेंगे, यह कहकर हथियारों का खुल्लम- खुल्ला बांटा जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसकी मैं घोर निंदा करता हूँ तथा क़ानून के रखवालों से माँग करता हूँ कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर क़ानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।” दिनांक : 26-12-2025 को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “छत्तीसगढ़ के रायपुर में सैंटाक्लॉज का बुत तोड़ना, उत्तर- प्रदेश के बरेली व लखनऊ में चर्च के सामने हनुमान चालीसा पढ़ना, धर्म नहीं, अपितु धर्म के नाम पर गुंडागर्दी एवं दहशत पैदा करना, धार्मिक कट्टरवादिता व आतंक का पर्याय है । यही हनुमान चालीसा यदि अपने घरों व मंदिरों में पढ़ा जाता तो वह धर्म और आस्था होता । ऐसी हरकत करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि क्रिसमस मनाने वाले देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की रोज़ी- रोटी चलती है । कहीं आपके कुकृत्यों का ख़ामियाज़ा उन्हें न उठाना पड़े ।” दिनांक : 23-11-2025 को एक प्रतिष्ठित केन्द्रीय विश्वविद्यालय का प्रकरण उठाते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के दलित शोध छात्र बसंत कुमार कनौजिया पर अनुशासनहीनता का झूठा आरोप लगाकर, बिना तथ्य और बिना पक्ष सुने, निष्कासित कर दिया गया । जबकि विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फ़ुटेज को देखकर सही तथ्यों की जानकारी की जा सकती है । किन्तु ऐसा न कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होकर तानाशाही एवं भेदभाव पूर्ण घटिया कृत्य किया है जिसकी मैं घोर निंदा करता हूँ ।”

अपने ट्विटर हैंडल और फ़ेसबुक पेज के माध्यम से स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिनांक : 23-10-2025 को जनपद बांदा के एक सरकारी स्कूल में दलित छात्र की पिटाई का मामला उठाया । उन्होंने लिखा “जनपद बांदा के कोतवाली देहात स्थित लुकतारा सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा कक्षा सात के एक छात्र की बर्बरतापूर्ण पिटाई करते हुए कहा कि ‘पढ़कर क्या करोगे ? यादव हो भैंस चराओ” की घटना न केवल दिल दहलाने वाली है बल्कि प्रिंसिपल के घटिया हरकत से जातिवाद का नंगा सच भी सामने आया है । क्या विडंबना है कि जिस शिक्षा के मंदिर में ज्ञान मिलना चाहिए वहाँ जातिवाद के नाम पर भेदभाव व अपमान मिल रहा है । क्या ऐसे उद्दंड व अराजक प्रिंसिपल के खिलाफ सरकार क़ानूनी कार्रवाई करती है या बचाने का पाप करती है ।” दिनांक : 22-10-2025 को उन्होंने पुनः लखनऊ की एक घटना पर रोष व्यक्त करते हुए लिखा “लखनऊ स्थित शीतला देवी मन्दिर में दलित बुजुर्ग की पिटाई एवं पेशाब चटवाने की शर्मसार करने वाली घटना अत्यंत ही दुखद व निंदनीय है । ऐसा घृणित व अमानवीय कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कठोर क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ।” दिनांक : 06-10-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को अपमानित किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई और अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “भारत के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर, एक मनुवादी मानसिकता से ग्रसित एडवोकेट द्वारा जूता फेंकने की कोशिश बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है । ऐसी ही घृणित मानसिकता के लोग माननीय न्यायपालिका पर भी दबाव बनाकर मनमुताबिक फ़ैसले करवाने की गंदी सोच रखते हैं जो अत्यंत निंदनीय है । धर्म की दुहाई देकर न्यायपालिका को ब्लैकमेल करने वाले एडवोकेट के खिलाफ कड़ी से कड़ी क़ानूनी कार्यवाही करने तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ऐसी घटिया हरकत करने वाले एडवोकेट का पंजीकरण समाप्त करने की माँग करता हूँ ।” दिनांक : 24-06-2025 को जनपद इटावा में घटी एक अपमानजनक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “इटावा में भगवताचार्य श्री मणिकुमार एवं संत कुमार यादव की ब्राह्मणों द्वारा सिर मुंडवा कर अपमानित व पिटाई करना, मूत्र का छिड़काव करना, बंधक बनाकर प्रताड़ित करना अत्यंत निंदनीय है । इससे स्पष्ट हो गया है कि हिन्दू धर्म के ठेकेदार इस देश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ी जातियों को हिंदू मानते ही नहीं यदि मानते होते तो इन दोनों भगवताचार्य का भी अन्य धर्माचार्यों की भाँति आदर, सम्मान व सत्कार होता किन्तु ऐसा नहीं हुआ । इटावा में यादव भगवताचार्य के साथ ब्राह्मणों के द्वारा किया गया कुकृत्य और विभत्स नंगा नाच की घोर निंदा करता हूँ । देखना यह है कि चुनाव में एस सी, एस टी व ओबीसी को हिन्दू कहने वाली भाजपा सरकार इस अमानवीय, असंवैधानिक एवं क़ानून विरोधी कार्यवाही करने वाले दोषी लोगों को गिरफ़्तारी कराती है या नहीं ।” दिनांक : 29-04-2025 को जनपद अलीगढ़ में एक दलित युवक की पिटाई का मामला संज्ञान में आने पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया “अलीगढ़ में दलित युवक के साथ ठाकुर दबंगों द्वारा की गयी बेरहमी व बर्बरता पूर्ण पिटाई क्या आतंकी घटना नहीं है ? हिन्दुओं के द्वारा ही हिन्दू पर क़हर… तो इसे कौन सा आतंकवाद कहेंगे । ‘बँटोगे तो कटोगे’ का उपदेश देने वाले, ख़ामोश ही रहेंगे या आतंकी क़हर बरपाने वालों के खिलाफ कड़ी क़ानूनी कार्रवाई भी करेंगे ।”

दिनांक : 18-04-2025 को उत्तर- प्रदेश की सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा “उत्तर- प्रदेश की योगी सरकार में न्याय भी भेदभावपूर्ण व अन्धा हो गया है जहाँ पर जाति देखकर न्याय किया जाता है । करणी सेना ने तलवार, बल्लम, भाला, बरछी व बन्दूक लहराकर खुल्लम- खुल्ला प्रदर्शन व नंगा नाच किया गया किन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि वह सभी मुख्यमंत्री जी की जाति के यानी ठाकुर बिरादरी के हैं । किन्तु मुंगराबादशाह पुर जनपद जौनपुर में सम्राट अशोक महान की जयंती के अवसर पर प्रतीकात्मक तलवार से केक काटने पर श्री रितेश मौर्य पर एफआईआर दर्ज हो जाती है क्योंकि वह ओबीसी समाज से हैं । मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी की यह जातिवादी सोच संविधान व लोकतंत्र विरोधी है जो अत्यंत निंदनीय है ।” इसी प्रकार से दिनांक : 13-04-2025 को उन्होंने ट्विटर हैंडल पर लिखा “जनपद प्रयागराज के लोहनपुर गाँव में दलित व्यक्ति की नृशंस हत्या कर जिंदा जलाने की घटना योगी आदित्य नाथ और उनकी सरकार की नाकामी का क्रूरतम उदाहरण है । घटना की मैं घोर निंदा करता हूँ और दोषियों को तत्काल गिरफ़्तार किये जाने की माँग करता हूँ ।” दिनांक : 30-03-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने जनपद प्रतापगढ़ में घटी एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया “जनपद प्रतापगढ़, रानीगंज कोतवाली अंतर्गत स्थित मल्टी स्पेशलिस्टी हॉस्पिटल दुर्गागंज में नर्स के पद पर कार्यरत दलित बेटी कोमल सरोज के साथ बलात्कार के बाद हत्या कर देने की घटना अत्यंत दुखद व निंदनीय है । पीड़ित परिवार द्वारा एफआईआर लिखे जाने के बाद भी अभी तक अभियुक्तों की गिरफ़्तारी न होना और भी चिंताजनक है । योगी सरकार में महिला सुरक्षा के बड़े- बड़े वादे केवल कागज़ों में रह गए हैं जबकि उत्तर- प्रदेश में बहन बेटियों के साथ बलात्कार, हत्या व अन्य उत्पीड़नात्मक कृत्य आम हो गया है । मैं अपराधियों की गिरफ़्तारी तत्काल किये जाने की माँग करता हूँ ।” दिनांक : 26-03-2025 को सांसद श्री रामजी लाल सुमन के घर पर करणी सेना के द्वारा की गयी तोड़फोड़ की स्वामी प्रसाद मौर्य ने आलोचना की और अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “दलित सांसद श्री रामजी लाल सुमन के घर पर करणी सेना द्वारा खुलेआम हमला व तोड़फोड़ की घटना इस बात को दर्शाती है कि प्रदेश में एक जाति विशेष को किसी पर भी हमला करने की खुली छूट मिली है । सांसद होने के बावजूद भी यदि वह दलित हैं तो सुरक्षित नहीं हैं । लोकतंत्र में एक दलित नेता पर इतना बड़ा हमला न केवल जातिगत भेदभाव को दर्शाता है बल्कि सरकार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है ।”

दिनांक : 24-03-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में शोध छात्र शिवम् सोनकर का मामला उठाया और बीएचयू के प्रशासन को आड़े हाथों लिया । उन्होंने लिखा कि “बीएचयू जैसे संस्थान में दलितों के साथ हो रहा अत्याचार भेदभाव का ज्वलंत उदाहरण है । यदि बीएचयू जैसे संस्थान में योग्यता पर जातिवाद हावी हो जाए तो यह शिक्षा नहीं अत्याचार का केंद्र बन जाता है ।” इसी प्रकार उन्होंने बीएचयू में ही 11 मार्च, 2025 को सासाराम, बिहार की बेटी स्नेहा कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला उठाया और देश के माननीय प्रधानमंत्री जी से मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की । दिनांक : 29-01-2025 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने मेरठ ज़िले के सरधना विधानसभा क्षेत्र के कलांदी में प्रजापति समाज की बारात में डीजे नहीं बजने देने और उल्टे दबंगों के द्वारा प्रजापति समाज के लोगों के घरों में घुसकर मारपीट करने का मामला अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से उठाया । दिनांक : 16-01-2025 को उन्होंने फ़िल्मी दुनिया के जानेमाने हीरो सैफ अली खान पर हुए जानलेवा हमले का मामला उठाया । स्वामी प्रसाद मौर्य ने उक्त घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा “फ़िल्म जगत के जानेमाने अभिनेता सैफ अली खान जानलेवा हमला अत्यंत चिंताजनक है जिसकी मैं निंदा करता हूँ । पहले चर्चित हीरो सलमान खान को जान से मारने की धमकी देना और फिर बाबा सिद्दीकी की हत्या और अब सेलिब्रिटी पर हमला महाराष्ट्र सरकार की क़ानून व्यवस्था पर सवालिया निशान है ।” दिनांक : 10-01-2025 को उन्होंने जनपद रायबरेली की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया “अभी लोग अर्जुन पासी एवं शैलेंद्र मौर्य की हत्या को भुला भी नहीं पाये थे कि जनपद रायबरेली स्थित कोतवाली सलोन में एक ही हफ़्ते में तीन- तीन हत्याएं, क्रमशः ग्राम उमरन में रामखेलावन पासी की हत्या से इसी गाँव में पाँच दिन पहले खुन्नू पासी की हत्या कर लाश को पेड़ पर टाँगने की घटना एवं ग्राम रसूलपुर में कल हुई दु:खी लाल पासी की हत्या जहाँ एक ओर क्षेत्रवासियों में दहशत और भय व्याप्त है वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस की उदासीनता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं । पुलिस की लीपा- पोती अत्यंत चिंताजनक भी है और निंदनीय भी ।” दिनांक : 06-12-2024 को स्वामी प्रसाद मौर्य जनपद रायबरेली के ग्राम गोठिया, पूरे तिवारी, कोतवाली सलोन पहुँचे और वहाँ पर मृतक शैलेन्द्र मौर्य के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं शोक संतप्त परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि मृतक शैलेंद्र मौर्य के हत्यारों की अभी तक गिरफ़्तारी न होना, पुलिस की मिलीभगत प्रतीत होती है, इसलिए अपराधियों की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग भी की ।

जनपद प्रयागराज में लोकसेवा आयोग के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो दिनांक: 11-11-2024 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस के इस रवैये की आलोचना करते हुए अपनी ट्विटर हैंडल पर लिखा, “लोकसेवा आयोग उत्तर – प्रदेश में होने वाली पीसीएस, आरओ और एआरो की परीक्षा एक ही दिन में कराने की माँग को लेकर धरना दे रहे अभ्यर्थियों एवं युवाओं पर की गई लाठीचार्ज अत्यंत दुखद है । लोकतंत्र की आवाज़ लाठियों व बन्दूकों से नहीं दबाई जा सकती है । मैं सरकार के इस तानाशाही रवैये की निंदा करता हूँ ।” इसी प्रकार दिनांक : 09-11-2024 को जनपद कुशीनगर की एक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा, “जनपद कुशीनगर अन्तर्गत थाना कसया के ग्राम परसौनी मुकुन्दहा की निवासिनी श्रीमती देवी पत्नी केश्वर प्रसाद की दबंगों द्वारा की गयी पिटाई व उत्पीड़न की घटना का संज्ञान लेते हुए माननीय न्यायालय द्वारा एफआईआर दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाही करने हेतु निर्देश देने के बावजूद भी एफआईआर न दर्ज करना अत्यंत चौंकाने वाला है । यह है कुशीनगर की पुलिस जो न्यायपालिका को भी ठेंगा दिखा रही है । ऐसी हालत में पीड़िता को न्याय कैसे मिलेगा ? इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है । दिनांक : 25-10-2024 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने जनपद झाँसी की एक घटना का उल्लेख करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “उत्तर- प्रदेश, झाँसी के सीपरी बाज़ार थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दलित का सिर इसलिए मुंडवाया गया, क्योंकि उसने बेगारी करने से मना कर दिया था । इतना ही नहीं उसे मारा- पीटा भी, पेड़ पर उल्टा लटकाया एवं सिर मुड़ाकर गाँव में घुमाया भी । यही है जातिवाद का ज़हर ! यही है शूद्रों के साथ भेदभाव ! यही है मनुवाद का नंगा नाच ! देखना है पुलिस दबंगों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करती है या लीपा पोती ? दिनांक : 03-10-2024 को जनपद अमेठी में घटी घटना पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने तत्काल अपने ट्वीट किया, “जनपद अमेठी स्थित कम्पोजिट विद्यालय पन्हौना, अहोरवा भवानी के शिक्षक श्री सुनील कुमार, पत्नी पूनम, दो बेटियों क्रमशः दृष्टि (5 वर्ष) व मिक्की (2 वर्ष) की गोली मारकर की गयी नृशंस हत्या की घोर निंदा करता हूँ । दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ हूँ । चार- चार हत्या के दोषी अपराधियों की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग करता हूँ ।” दिनांक : 02-10-2024 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने मध्यप्रदेश में घटी एक घटना पर टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया, “मध्यप्रदेश के भानपुरा में एक दलित युवक को नंगाकर व शरीर में कालिख पोतकर न केवल गाँव में घुमाया गया बल्कि बुरी तरह से मारपीट कर लहूलुहान भी कर दिया गया । यह भाजपा का रामराज और जंगलराज है जो एक- एक कर दलितों व पिछड़ों के साथ इस प्रकार का घिनौना कृत्य किया जा रहा है । हिन्दू की दोहाई देने वाली भाजपा बताए क्या एससी, एसटी और ओबीसी हिन्दू है या नहीं है तो इस प्रकार की बर्बरता क्यों ?

दिनांक : 28-10-2024 को जनपद बांदा में घटी अप्रिय घटनाओं का संज्ञान लेते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया “जनपद बांदा के थाना मटौन्ध की 12 वीं कक्षा की दलित छात्रा के साथ मारपीट व बलात्कार की घटना की एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभी तक दोषियों की गिरफ़्तारी न होना अत्यन्त चिंतनीय और निंदनीय है । माननीय मुख्यमंत्री जी क्या इसलिए क्योंकि बलात्कारी शिवम् सिंह है ?” इसी प्रकार यहीं फ़तेहपुर के सरस्वती बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज खागा की 12 वीं क्लास की छात्रा प्रिया मौर्य के साथ हुई छेड़खानी की सूचना देने के बाद भी न्याय दिलाने के बजाय प्रधानाचार्य के द्वारा पीड़िता की ही पिटाई कर देने से क्षुब्ध छात्रा ने स्कूल की छत से कूदकर जान दे दी क्या दलित व पिछड़े हिन्दू नहीं हैं क्या ?” दिनांक : 27-09-2024 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ट्वीट के माध्यम से जनपद अम्बेडकर नगर में दलितों पर हुए ज़ुल्म और ज़्यादती का मुद्दा उठाया । उन्होंने लिखा “जनपद अम्बेडकर नगर स्थित कोतवाली जलालपुर के नसोंपुर गाँव में दलित परिवार पर दबंगों का क़हर ऐसा टूटा कि डॉक्टर सतीश कुमार, केजीएमयू लखनऊ की चाची प्रेमशिला पत्नी श्री शिवकुमार की मौत हो गयी । कई वर्षों से क़ाबिज़ पट्टे की ज़मीन को जबरियन जोतवा लिया, बुरी तरह से मारा- पीटा वह अलग । मृतका के घर पहुँच कर शोक संवेदना व्यक्त की और घटना की जानकारी ली । घटना का कारण स्थानीय लेखपाल का मनमानापन एवं प्रभारी कोतवाली जलालपुर की जातीय द्वेष भावना ।” इसी प्रकार उन्होंने दिनांक : 24-09-2024 को जनपद मिर्ज़ापुर में एक दलित बालक की हत्या का मामला उठाया और अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया “यूपी के जनपद मिर्ज़ापुर में दस वर्षीय दलित लड़के की हत्या कर लाश को दफनाने की दिल दहलाने वाली घटना ने एक बार फिर योगी सरकार की क़ानून व्यवस्था की पोल खोल दी । यह यूपी है कि जंगलराज ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है । प्रदेश में नित्य प्रति किसी न किसी दलित या पिछड़े की हत्या होना चिंतनीय है ।”

उपसंहार

उपरोक्त विवेचन से यह बात साफ़ होती है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का तेवर जुर्म, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा बग़ावती रहा है । चाहे वह समाज के किसी व्यक्ति के द्वारा किया गया हो और चाहे वह सरकार की किसी लापरवाही का नतीजा हो..! स्वामी प्रसाद मौर्य ने हमेशा उसकी मुख़ालिफ़त की है । उनका चार दशक का लम्बा राजनीतिक और सामाजिक जीवन ऐसे अनगिनत घटनाओं से भरा हुआ है जिसमें उन्होंने जाति, धर्म, संप्रदाय, भाषा, क्षेत्र इत्यादि से ऊपर उठ कर तथा घटना स्थल पर पहुंचकर तत्काल अन्याय और अत्याचार का मुखर विरोध किया है । आवश्यकता पड़ने पर धरना- प्रदर्शन और आंदोलन के माध्यम से उन्होंने पीड़ित व्यक्ति तथा समाज को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया है और आज भी कर रहे हैं ।

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