“बोरोक” आदिवासी त्रिपुरा की आदिवासी जनजाति है। यह अपने अतीत की स्मृतियों के साथ “बिंदास” और “जीवंतता” का जीवन जीती है। त्रिपुरा में 19 जनजातियां हैं जिनमें आठ समुदाय- त्रिपुरी,…
“नागा जनजाति”- एक अनसुलझी पहेली…
पूर्वोत्तर भारत में निवास करने वाली “नागा” जनजाति का जीवन,रहन – सहन, परिवेश तथा उद्ग्म अभी भी एक अनसुलझी पहेली है। इस समुदाय के बारे में अभी तक कोई व्यवस्थित…
पिछड़ेपन के बीच शिक्षा की बढ़ती रौशनी में “राभा जनजाति”…
“राभा” असम की एक प्रमुख आदिवासी क़ौम है, जिसका संबंध मंगोल वंश से माना जाता है। राभा समुदाय के लोग असम के अलावा पश्चिम बंगाल, नेपाल और उत्तरी बांग्लादेश में…
परम्पराओं की दुनिया में जीते- “आपातानी जनजाति” के लोग…
अरुणाचल प्रदेश के संवसीरी जिले के पूर्वी हिमालय की ऊंची बर्फ से ढकी हुई बाहृय श्रृंखला और असम की उप उष्णकटिबंधीय मध्य ब्रम्हपुत्र घाटी के बीचों-बीच “आपातानी” घाटी स्थित है।इसी…
पुस्तक समीक्षा – दलित समाज के हक़ इंसाफ और संघर्ष का दस्तावेज़ हैं, ‘मोहनदास नैमिशराय’ की आत्मकथा “अपने अपने पिंजरे” -भाग – 3
भारत में दलित साहित्य के पुरोधा, (अब तक 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक) पत्रकार, कथाकार, कवि, उपन्यासकार, फिल्मकार और इतिहासकार (दलित आंदोलन का इतिहास) मोहनदास नैमिशराय की आत्मकथा “अपने…
“जयंतिया” आदिवासी समुदाय…
मेघालय की आदिवासी जनजातियों में “जयंतिया” भी प्रमुख क़ौम है। यह जनजाति जयंतिया की पहाड़ियों में रहती है। यह खासी पहाड़ियों का ही एक भाग है। वर्ष 2011 की जनगणना…
आदिवासी समुदाय “खासी”…
“खासी” आदिवासी पूर्वोत्तर भारत में मुख्य रूप से “मेघालय” में पाये जाते हैं। यह उत्तर में कामरूप व नौगांव जिला, पूर्व में जयंतियां पहाड़ियों तथा पश्चिम में गारो पहाड़ियों के…
भारत की बेटी, बदायूं से सांसद, डॉ. “संघमित्रा मौर्या” ने बढ़ाया देश का मान
दिनांक 20 मार्च 2020 ई. को देश की सबसे बड़ी पंचायत अर्थात् लोकसभा में भारत के महानतम सम्राट “अशोका द ग्रेट” के जन्मदिन पर सार्वजनिक अवकाश की मांग कर देश…
आदिवासी समुदाय “गारो”…
“गारो” पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख आदिवासी समुदाय है। यह मुख्य रूप से मेघालय की गारो पहाड़ियों में रहते हैं तथा स्वयं को एचिक या मांडे नाम से पुकारते हैं।…
आदिवासियों का घर “पूर्वोत्तर भारत”…
भारत में “पूर्वोत्तर भारत” को “आदिवासियों का घर” कहा जाता है। इसमें अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, सिक्किम तथा त्रिपुरा शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की आबादी,…
रहस्यमयी दुनिया में जीते “सोम्पेन आदिवासी”…
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पायी जाने वाली जनजातियों में जारवा, ओंगी, संतनली और अंडमानी आदिवासी नीग्रिटो वर्ग के आदिवासी हैं जबकि “सोम्पेन आदिवासी” मंगोली वर्ग के अन्तर्गत आते…
बहुत याद आते हैं भाई “उमाशंकर मौर्य” जी…
कभी,माननीय मंत्री,श्री स्वामी प्रसाद मौर्य जी के साथ साये की तरह चलने वाले भाई “उमाशंकर मौर्य” जी बहुत याद आते हैं।उनका प्रसन्नचित्त चेहरा, मिलनसार स्वभाव, मीठी बोली, सबके साथ अपनापन…
अस्तित्व अवसान के कगार पर “अंडमानी आदिवासी”…
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की एक अन्य आदिवासी क़ौम “अंडमानी”समाप्त होने के कगार पर है। 1981 में की गई गणना के अनुसार इनकी संख्या मात्र 28 थी। अंडमानी आदिवासी…
इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया ‘श्री अजय कुमार मौर्य’ ने…
ग्राम व पोस्ट चकवड़ जनपद प्रतापगढ़ निवासी श्री अजय कुमार मौर्य ने दिनांक 14 मार्च 2020 दिन शनिवार को अपने पैतृक गांव में सम्राट अशोक का विशाल और भव्य स्तम्भ…